सीबीआई ने हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार
504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले की जांच तेज

सत्य खबर हरियाणा
IAS Officer Pankaj Aggarwal Arrest : आईडीएफसी फर्स्ट बैंक सरकारी फंड मिसएप्रोप्रिएशन (गबन) मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार पंकज अग्रवाल उस समय स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग के प्रधान सचिव थे। इस मामले में किसी दूसरे आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद से हरियाणा और दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
सीबीआई ने यह गिरफ्तारी हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा में संचालित खातों से कथित रूप से सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में की है। अधिकारी को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
60.54 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप
सीबीआई जांच में सामने आया है कि संबंधित विभागों के बैंक खाते हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के निर्धारित नियमों के विपरीत खोले गए और बाद में इनमें निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि ट्रांसफर की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन खातों में फर्जी लेनदेन के माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जिससे सरकार को करीब 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सीबीआई का कहना है कि जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं।
504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले से जुड़ा मामला
सीबीआई के अनुसार यह मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक सेक्टर-32 शाखा में हुए बड़े वित्तीय घोटाले का हिस्सा है। इस पूरे प्रकरण में हरियाणा सरकार के 8 विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये कथित तौर पर गलत तरीके से ट्रांसफर कर शेल कंपनियों और अन्य संस्थाओं तक पहुंचाए जाने की जांच चल रही है।
कौन हैं पंकज अग्रवाल?
पंकज अग्रवाल हरियाणा कैडर के 2000 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मार्च, 2026 में उन्हें सिंचाई विभाग का प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया था। वह इससे पहले हरियाण के चीफ इलेक्ट्रोरल ऑफिसर भी रह चुके हैं। पंकज अग्रवाल इसके अलावा स्कूल शिक्षा और कृषि एंव किसान कल्याण विभागों के भी प्रिंसिपल सेक्रेटरी रह चुके हैं। पंकज अग्रवाल मूलरूप से झारखंड के धनबाद से रहने वाले हैं। हरियाणा में उन्होंने अपनी सिविल सेवा की शुरुआत गुरुग्राम (तब गुड़गांव) के असिस्टेंट कमिश्नर हिपा के तौर पर की थी। इसके वह करनाल, झज्जर, रोहतक में तैनात हुए। 2007 में पंकज अग्रवाल को कुरुक्षेत्र का डीसी लगाया गया था। इसके बाद वह सोनीपत के भी डीसी रहे। इसके बाद से वह चंडीगढ़ में विभिन्न विभागों में ड्यूटी करके वर्तमान में प्रमुख सचिव सिंचाई के पद पर कार्यरत हैं।
17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
सीबीआई अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोक सेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं। इसी मामले में पहले गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आर.के. सिंह, जिन पर नगर निगम पंचकूला से जुड़े धन के दुरुपयोग का आरोप है, पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं।
रडार पर हैं 6 अन्य आईएएस
इस बड़े बैंक घोटाले में हरियाणा के कुल आठ आईएएस अधिकारी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। राम कुमार सिंह और पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब छह अन्य अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इनमें मोहम्मद शाईन, मणि राम शर्मा, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग, साकेत कुमार और डीके बेहरा के नाम शामिल हैं।
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